Guts of Ordinary Days

平凡な日々のガッツ

Guts of Ordinary Days
सिंगल2025年
「平凡な日々のガッツ」(गट्स ऑफ़ ऑर्डिनरी डेज़) हर रोज़ की भागदौड़ में दबाए गए गुस्से और हताशा को शब्दों में पिरोता यह गीत हर उस व्यक्ति के संघर्ष को बयां करता है जो हार मानने से इनकार करता है। नियॉन रोशनी और व्यस्त सुबह के बीच, यह हर रोज़ की दिनचर्या के उस चक्रव्यूह को दर्शाता है जहाँ आप अपनी आँखों में सपने लिए टिके रहते हैं। इसका जोशीला और ऊर्जावान संगीत थके हुए दिल में फिर से आग सुलगा देता है। एक ऐसी आवाज़ जो आपकी अपनी है, जो हर ठोकर को कल का रास्ता बनाती है। साधारण दिनों को एक प्रेरणादायक गीत में बदलता यह संगीत आपको याद दिलाता है कि आप ज़िंदा हैं और हार नहीं मानेंगे।

गीत (जापानी)

同じ改札 同じ時刻 流されるように並ぶモーニングライン 満員電車 詰め込んだため息 窓に映った顔が誰かわからない 昨日と変わらないコンビニの灯り 買い慣れたパンと缶コーヒー 「頑張ってます」とスタンプひとつ 本音はどこにも出せないまま でも胸の奥 小さなbeat しぶとくまだ鳴り続けてる I won’t give up, not today ここで終わる気はしない Break this day, break the routine 汗とノイズの向こうへ 変わり映えしない景色の中で ガッツだけは消さないで Stand up again, again and again 擦り切れた靴でも走れる 小さな一歩が 未来のshout Still alive, I’m still alive 帰り道 ネオンにまぎれる影 タイムラインは誰かの「成功」だらけ いいねの数で価値を測られて 自分だけ置いていかれた気がする 山積みのToDo 減らない未読 「おつかれさま」で閉じる一日 でも心のどこかで叫んでる 「こんなもんじゃないはずだろ?」 転んだ回数 数えるより 立ち上がった回数 覚えてたい One more try, one more breath まだやれる まだ行ける Break this night, break my fear くたびれた心にfire 変わり映えしないループの中で 夢だけは手放さないで Sing it loud, louder than noise 誰でもない自分のvoice つまずいた跡が 明日のsign Still alive, I’m still alive Maybe I’m tired, maybe I’m lost それでも前にしか進めない Nobody knows my tiny fight それでもgood enough for me 真っ暗な部屋の片隅で 小さなhopeがまた灯る 「もう一回だけ」と呟いた声が 静かな夜を貫いてく Break my limit, break the wall 120の鼓動で叫べ 変わり映えしない今日の向こうで 新しい自分に会いに行く Stand up again, again and again 転んだ跡を誇れるように 平凡な日々を 歌に変えて I’m alive, I’m still alive 始発前の冷たい空気 ポケットの中で震えるdream 誰も知らないこのガッツが いつか世界を少しだけ揺らす

अनुवाद

वही टिकट-गेट, वही समय बहते हुए से कतार में लगी सुबह की भीड़ खचाखच भरी ट्रेन, ठुँसी हुई एक आह खिड़की में दिखता चेहरा किसका है, समझ नहीं आता कल जैसी ही दुकान की मद्धम रोशनी खरीदने की आदत वाला ब्रेड और कैन कॉफ़ी "मैं डटा हुआ हूँ" बस एक छोटा सा ठप्पा सच्चे जज़्बात कहीं भी ज़ाहिर न कर पाने की हालत में पर सीने की गहराई में एक छोटी सी धड़कन ज़िद्दी होकर अब भी बजती रहती है मैं हार नहीं मानूँगा, आज तो बिल्कुल नहीं इसे यहाँ खत्म करने का कोई इरादा नहीं इस दिन को तोड़ो, इस रटी-रटाई दिनचर्या को तोड़ो पसीने और शोर के उस पार इस कभी न बदलते नज़ारे के बीच बस अपने भीतर के उस जज़्बे को मत बुझने दो फिर से खड़े हो जाओ, बार-बार खड़े हो जाओ घिसे जूतों में भी मैं दौड़ सकता हूँ एक छोटा सा कदम ही कल की एक चीख है अब भी ज़िंदा हूँ, मैं अब भी ज़िंदा हूँ लौटते रास्ते पर नियॉन में घुलती एक परछाई टाइमलाइन किसी और की "कामयाबी" से भरी है लाइक की गिनती से मेरी कीमत आँकी जाती है जैसे सिर्फ मैं ही पीछे छूट गया हूँ ढेर लगे काम, न घटते अनपढ़े संदेश "शुक्रिया, अच्छा काम किया" से बंद होता एक दिन पर दिल में कहीं चिल्लाता रहता हूँ "बस यही तो सब कुछ नहीं हो सकता, है ना?" कितनी बार गिरा, यह गिनने से बेहतर कितनी बार उठ खड़ा हुआ, वह याद रखना चाहता हूँ एक बार और कोशिश, एक सांस और अब भी कर सकता हूँ, अब भी जा सकता हूँ इस रात को तोड़ो, अपने डर को तोड़ो थके हुए दिल में एक आग जला दो इस कभी न बदलते घेरे के बीच बस अपने सपने को मत छोड़ने दो इसे ज़ोर से गाओ, शोर से भी ज़्यादा ज़ोर से किसी और की नहीं, अपनी खुद की आवाज़ ठोकर खाने के निशान ही कल का इशारा हैं अब भी ज़िंदा हूँ, मैं अब भी ज़िंदा हूँ शायद मैं थक गया हूँ, शायद भटक गया हूँ फिर भी मैं सिर्फ आगे ही बढ़ सकता हूँ मेरी इस छोटी सी लड़ाई को कोई नहीं जानता फिर भी मेरे लिए यही काफी है घुप्प अंधेरे कमरे के एक कोने में एक छोटी सी उम्मीद फिर से जल उठती है "बस एक बार और" यह फुसफुसाई हुई आवाज़ इस शांत रात को चीर देती है अपनी हद को तोड़ो, उस दीवार को तोड़ो एक सौ बीस की धड़कन के साथ चिल्लाओ इस कभी न बदलते आज के उस पार एक नए खुद से मिलने जाता हूँ फिर से खड़े हो जाओ, बार-बार खड़े हो जाओ ताकि मैं अपने गिरने के निशानों पर गर्व कर सकूँ इन साधारण दिनों को एक गीत में बदलते हुए मैं ज़िंदा हूँ, मैं अब भी ज़िंदा हूँ पहली ट्रेन से पहले की ठंडी हवा जेब में काँपता एक सपना मेरा यह जज़्बा जिसे कोई नहीं जानता किसी दिन दुनिया को थोड़ा सा हिला देगा
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