बीते कल की ओर आख़िरी ट्रेन

बीते कल की ओर आख़िरी ट्रेन

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सिंगल2026.08.22
बीते कल की ओर आख़िरी ट्रेन एक आधुनिक जे-पॉप गीत है, जो रहस्यमय संसार के माध्यम से रात की ख़ामोशी और सीने में रह गए पछतावे को चित्रित करता है। शांत ढंग से शुरू होने वाली धुन से गीत धीरे-धीरे तनाव बढ़ाता है और ऐसे मुखड़े तक पहुँचता है जहाँ भावनाएँ खुलकर फैलती हैं। नाज़ुक पियानो, स्वप्निल ध्वनियाँ और भावपूर्ण पुरुष स्वर एक साथ मिलकर ऐसा वातावरण बनाते हैं मानो वह वास्तविकता और सपने की सीमा पर तैर रहा हो। “अगर उस समय मैंने कोई दूसरा चुनाव किया होता” गीत उस भावना को, जो हर किसी के मन में कम से कम एक बार आती है, केवल उदासी पर समाप्त नहीं होने देता; वह उसे अतीत को साथ लेकर आगे बढ़ने की चाह से जोड़ता है। यह रहस्यमय, अनोखा और दर्दभरा जे-पॉप है, जो आधी रात की सड़कों, घर लौटने के रास्ते और उन पलों का साथी बनता है जब अकेले चुपचाप संगीत सुनने का मन हो।

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गीत (जापानी)

午前零時 最後の車両 空いた座席に 君の影 消したはずのトーク画面が ひとりでに青く灯った 駅名表示は 逆に流れ 窓の景色も 巻き戻る 「昨日へ一通 送れます」 見知らぬ通知が点滅する 終電は昨日へ向かう 君が背を向ける少し前 送信欄に「行かないで」 指が触れるたび夜が揺れる 戻したい 戻せない 一文字ごとに消える記憶 終電は昨日へ向かう 僕は言葉をまだ打てない 昨日へ 昨日へ レールが時間を巻き戻す 一文字目で 初雪が消え 二文字目で 君の口癖 三文字目には 笑い声さえ ノイズの奥へ 遠ざかる 言葉を送れば 昨日は変わる 代わりに僕らが 消えていく 空白の隣 カーソルだけが 答えを急かして 瞬いてる 終電は昨日へ向かう 君が泣き出す少し前 画面に残る「行かない」 あと一文字で朝が変わる 戻したい 戻れない 忘れてまで会いたくない 終電は昨日へ向かう 僕は一文字 削除した 一文字消せば 初雪が戻る 二文字消せば 君の口癖 すべて消したら 笑い声まで 車窓の闇に 帰ってきた さよならだけは 書き換えずに連れていく 終電は昨日へ向かう 君が背を向けたその夜へ 送らなかった「行かないで」 胸の奥でだけ鳴り続ける 戻りたい 戻らない 君との日々は消せない 終電は昨日へ向かう 僕はひとり 明日へ降りる 終着駅に 朝が差す 通知は跡もなく消えた 昨日へ送らなかった言葉 僕は明日へ持っていく

अनुवाद

आधी रात आख़िरी डिब्बा खाली सीट पर तुम्हारी परछाईं वह चैट स्क्रीन जिसे मैं समझा था कि मिटा चुका हूँ अपने आप नीली रोशनी से जग उठी स्टेशन के नाम उलटी दिशा में बहने लगे खिड़की के बाहर का दृश्य भी पीछे लौटने लगा “बीते कल को एक संदेश भेजा जा सकता है” एक अनजानी सूचना टिमटिमाने लगी आख़िरी ट्रेन बीते कल की ओर जाती है तुम्हारे पीठ फेरने से ठीक पहले संदेश के खाने में: “मत जाओ” मेरी उँगली के हर स्पर्श पर रात काँपती है लौटना चाहता हूँ पर लौट नहीं सकता हर अक्षर के साथ एक याद मिटती है आख़िरी ट्रेन बीते कल की ओर जाती है मैं अब भी वे शब्द लिख नहीं पाता बीते कल की ओर बीते कल की ओर पटरियाँ समय को पीछे घुमाती हैं पहले अक्षर पर पहली बर्फ़ मिट जाती है दूसरे पर तुम्हारी वह जानी-पहचानी बात तीसरे पर तुम्हारी हँसी तक शोर के पार दूर चली जाती है शब्द भेज दूँ तो बीता कल बदल जाएगा उसके बदले हम धीरे-धीरे मिट जाएँगे खाली खाने के पास केवल कर्सर जवाब माँगता हुआ टिमटिमा रहा है आख़िरी ट्रेन बीते कल की ओर जाती है तुम्हारे रो पड़ने से ठीक पहले स्क्रीन पर बस “मत जा” बचा है एक अक्षर और, तो सुबह बदल जाएगी लौटना चाहता हूँ पर वापस नहीं जा सकता तुम्हें भूलकर तुमसे मिलना मुझे मंज़ूर नहीं आख़िरी ट्रेन बीते कल की ओर जाती है मैंने एक अक्षर मिटा दिया एक अक्षर मिटाते ही पहली बर्फ़ लौट आती है दो मिटाते ही तुम्हारी जानी-पहचानी बात लौटती है सब मिटा दूँ तो तुम्हारी हँसी भी खिड़की के बाहर के अँधेरे में लौट आती है बस हमारी विदाई बिना बदले अपने साथ ले जाऊँगा आख़िरी ट्रेन बीते कल की ओर जाती है उस रात की ओर जब तुमने पीठ फेर ली वह “मत जाओ” जो मैंने भेजा नहीं केवल मेरे सीने की गहराई में गूँजता रहता है लौटना चाहता हूँ पर अब नहीं लौटूँगा तुम्हारे साथ बिताए दिन मिट नहीं सकते आख़िरी ट्रेन बीते कल की ओर जाती है मैं अकेला उतरता हूँ आने वाले कल में अंतिम स्टेशन पर सुबह की रोशनी उतरती है सूचना बिना निशान छोड़े गायब हो गई वे शब्द जो मैंने बीते कल को नहीं भेजे मैं उन्हें आने वाले कल में ले जाऊँगा