STORY
“गर्मी को बाँधने वाली घंटी” एक जापानी फैंटेसी J-POP गीत है, जो बचपन में किए वादे और गर्मियों के त्योहार की रात होने वाले पुनर्मिलन की कहानी बयाँ करता है।
बारिश के मौसम के बाद की सुबह, बरसों बाद गए पुराने मंदिर में। जब नीले रंग की डोरी से बंधी घंटी बजती है, तो पानी से सींची पत्थर की सड़कें, सुबह-सुबह के फूल, सिकाडा की झंकार, बरामदे में तरबूज, रामुने, बर्फ़ का गोला, युकाता, लालटेन और आतिशबाजी जैसी जापानी गर्मियों की यादें फिर जाग उठती हैं।
भीड़ के पार से कोई जानी-पहचानी आवाज़ आती है। और बिछड़े हुए दो लोगों की हथेलियों में घंटी की वही आवाज़ फिर एक साथ बजने लगती है।
कोटो, शामिसेन, शिनोबुए, घंटी और ताइको की धुन आधुनिक J-POP की ताज़गी से मिलकर गर्मियों की ठंडी हवा जैसी पारदर्शिता और पुनर्मिलन के पल की उमंग दिखाती है।
बिखरे वक़्त को फिर से बाँध देने वाली इस एक गर्मी की स्वप्निल कहानी का आनंद लें।









